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किसान इंटर कॉलेज साखोपार में मिड-डे मील में भारी अनियमितता, अवैध वसूली का आरोप

खुलासा न्यूज 24

RTI से खुलेंगे बड़े राज! बच्चों के हक पर डाका?

किसान इंटर कॉलेज साखोपार में मिड-डे मील में भारी अनियमितता, अवैध वसूली का आरोप
📍 कुशीनगर:
जनपद के किसान इंटर कॉलेज साखोपार में मिड-डे मील योजना को लेकर बड़ा घोटाला सामने आने की आशंका ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। बच्चों के हक पर खुलेआम डाका डालने जैसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
सूचना का अधिकार (RTI) के तहत दायर आवेदन ने विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कक्षा 6 से 8 तक के मासूम छात्र-छात्राओं से ₹200 तक की अवैध वसूली की जा रही है, जबकि सरकार की ओर से ऐसी किसी फीस का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है।
🍽️ मिड-डे मील में भी खेल?
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मिड-डे मील योजना, जो बच्चों के पोषण के लिए चलाई जाती है, उसी में भारी लापरवाही और गड़बड़ी की शिकायत है।
बताया जा रहा है कि बच्चों को न तो नियमित भोजन मिल रहा है और न ही तय मानकों के अनुसार खाना परोसा जा रहा है।
🔴 RTI के सवालों से मचा हड़कंप
RTI में कई ऐसे सवाल पूछे गए हैं जो सीधे-सीधे स्कूल प्रबंधन की पारदर्शिता पर चोट करते हैं—
कुल नामांकन और उपस्थित छात्रों की संख्या
प्रतिदिन बनने वाले भोजन की मात्रा
साप्ताहिक मेन्यू का पालन
मिड-डे मील का बजट और खर्च का पूरा विवरण
गैस सिलेंडर की उपलब्धता और उपयोग
गैस सिलेंडर की उठान (रिफिल) की तारीख और रिकॉर्ड
⚠️ गैस है फिर भी लकड़ी पर खाना? नियमों की खुली अवहेलना
आरोप है कि विद्यालय में गैस सिलेंडर मौजूद होने के बावजूद खाना लकड़ी पर पकाया जा रहा है। अब RTI में गैस की उठान की तारीख मांगने से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि सिलेंडर का वास्तविक उपयोग हो रहा है या नहीं।
📄 कागजों में विकास, जमीन पर शोषण?
स्थानीय लोगों का कहना है कि कागजों में योजना पूरी तरह सही दिखाई जाती है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। बच्चों को मिलने वाला हक बीच रास्ते में ही गायब हो रहा है।
अभिभावकों का फूटा गुस्सा
मामला सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उनका साफ कहना है कि बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन पर बड़ा सवाल — कार्रवाई कब?
अब पूरा मामला जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के सामने है। सवाल यह है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?
👉 अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों के साथ बड़ा अपराध माना जाएगा।


✍️ (खुलासा न्यूज 24 टीम)

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