खुलासा न्यूज 24
खास रिपोर्ट | कुशीनगर मेडिकल कॉलेज
“मेडिकल कॉलेज बना वसूली केंद्र?” — मुफ्त सुविधाओं के दावे पर बड़ा सवाल
🔴 एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन तक के लिए मरीजों से वसूली के आरोप
🔴 रिपोर्ट में देरी और ‘इशारों’ में लेन-देन—मरीजों की बढ़ती नाराजगी
कुशीनगर:
संयुक्त जिला चिकित्सालय से मेडिकल कॉलेज बनने के बाद उम्मीद थी कि मरीजों को बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है।
मुफ्त सेवाओं पर सवाल
सरकार का दावा है कि मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। लेकिन कई मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि इन जांचों और उनकी रिपोर्ट के लिए उनसे पैसे लिए जा रहे हैं।
रिपोर्ट में देरी या ‘संकेत’?
सूत्रों के अनुसार, एक्स-रे और सीटी स्कैन के बाद रिपोर्ट मिलने में कई बार 3-4 दिन या उससे अधिक समय लग जाता है। आरोप है कि बिना ‘संतुष्टि’ के रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती, जिससे मरीजों को इलाज में देरी का सामना करना पड़ता है।
रेडियोलॉजी विभाग पर सवाल
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में लंबे समय से कार्यरत डॉ. बृजनन्दन श्रीवास्तव का नाम भी चर्चाओं में है। हालांकि यह भी सच है कि वे वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन मौजूदा समय में मरीजों के बीच असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।
मरीजों की पीड़ा
- कई लोग बताते हैं कि जांच के बाद रिपोर्ट पाने के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। कुछ ने तो यह भी कहा कि माहौल ऐसा बना दिया गया है, जहां बिना अतिरिक्त खर्च के काम समय पर होना मुश्किल लगता है।
बड़ा सवाल सिस्टम पर
क्या मेडिकल कॉलेज में सच में सभी सुविधाएं मुफ्त हैं?
अगर हां, तो मरीजों से पैसे क्यों लिए जा रहे हैं?









